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MP के स्कूलों में बदली परीक्षा प्रणाली, 10वीं-12वीं की तर्ज पर अब 9वीं-11वीं में भी दो बार होगी वार्षिक परीक्षा

अंजली राय, नवदुनिया भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध विद्यालयों में नौवीं व 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा अब वर्ष में दो बार होगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कक्षा 9वीं और 11वीं में पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय वार्षिक परीक्षा आयोजित की जाएगी।

यह व्यवस्था पिछले सत्र से कक्षा 10वीं और 12वीं में लागू है। नई व्यवस्था माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश की परीक्षा प्रणाली के अनुरूप लागू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को असफल होने पर बेहतर मौका मिलेगा और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। यह निर्णय विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है जो किसी कारणवश वार्षिक परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं या अनुपस्थित रहते हैं।

डीपीआई की ओर से पहली वार्षिक परीक्षा 23 फरवरी से आयोजित की जाएगी। इसके बाद मार्च या अप्रैल माह में द्वितीय वार्षिक परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना है। इसके लिए जल्द ही विस्तृत समय-सारिणी जारी की जाएगी। इस बदलाव से मध्य प्रदेश के करीब 20 लाख विद्यार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। डीपीआई ने सभी स्कूलों को नई व्यवस्था के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

इन विद्यार्थियों को मिलेगा मौका

  • यदि कोई विद्यार्थी मुख्य वार्षिक परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होता है या किसी कारणवश परीक्षा में अनुपस्थित रहता है।
  • ऐसे विद्यार्थी, जो किसी विषय में उत्तीर्ण हो गए हों, वे भी अंक सुधार के लिए द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
  • प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण रहे विद्यार्थी भी एक या एक से अधिक विषयों में द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकेगा।
  • प्रायोगिक विषयों में कोई विद्यार्थी प्रथम परीक्षा की प्रायोगिक/आंतरिक परीक्षा के केवल अनुत्तीर्ण भाग में शामिल होने के लिए पात्र होगा।
  • द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी को शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन-पत्र भरना अनिवार्य होगा, लेकिन द्वितीय परीक्षा के दौरान विद्यार्थी द्वारा प्रथम परीक्षा में लिए गए विषय में परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।

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इस बार पहली बार नौवीं व 11वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को फायदा होगा। वे अपना परिणाम सुधार सकते हैं। डीएस कुशवाहा, अपर संचालक, डीपीआई।

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