हिंदी में खबरे पड़ना पसंद है तो देर किस बात की जाइये MANDSAURTODAY.COM पर सही और पकी खबरे मिलती है वो भी हिंदी भाषा में

Hanuman Jayanti 2023 Special: इंदौर में 51 फीट के हनुमान के कंधों पर हैं श्रीराम और लक्ष्मण

Hanuman Jayanti 2023 Special: रामकृष्ण मुले, नईदुनिया। शहर के पूर्वी क्षेत्र के वैभव नगर (कनाड़िया) में स्थित निरालाधाम अंजनी के लाल पवनपुत्र का अनूठा उपासना स्थल है। यहां 200 फीट ऊंचे स्तंभ पर राम-लक्ष्मण को कांधे पर लिए 51 फीट ऊंचे हनुमान के दर्शन होते हैं।

यहां रामायण के हर पात्र के दर्शन होते हैं क्योंकि माना जाता है कि रामायण का हर पात्र पूजनीय है। यहां देवताओं की सत्ता चलती है , सलिए पदाकारियों के हर पद पर देवताओं की ही नियुक्त की गई है। मंदिर में प्रवेश के लिए प्रसाद और चढ़ावे की नहीं, अपितु 108 बार जय श्रीराम लिखने की शर्त पूरी करनी होती है।

मंदिर का निर्माण 1990 में वैभवनगर में शुरू हुआ था। फिलहाल यहां 35 लाख रुपये के व्यय से उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर महाकाल मंदिर भी बनाया जा रहा है जिससे भक्तों को भगवान के उस स्वरूप के दर्शन मां अहिल्या की नगरी में भी हो सकें।

राम-लक्ष्मण को कांधे पर लिए हनुमानजी की मूर्ति अहिरावण राम-लक्ष्मण को पाताल ले गया था और केसरीनंदन उन्हें सुरक्षित अपने कांधे पर बैठाकर लाए थे। यहां 7 पदाधिकारी और 11 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति है लेकिन इसमें कोई मनुष्य नहीं है। हर जिम्मेदारी किसी न किसी देवी-देवता के पास है।

अध्यक्ष की जिम्मेदारी अंजनी पुत्र हनुमान और संरक्षक की भूमिका कौशल्यानंदन भगवान श्रीराम को दी गई है। सचिव भोलेनाथ, कोषाध्यक्ष कुबेर, सुरक्षा अधिकारी यमराज, लेखा-जोखा अधिकारी चित्रगुप्त, वास्तुविद् भगवान विश्वकर्मा हैं। अन्य मंदिरों की तरह पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्यों की सूची भी दीवार पर चस्पा की गई है, जिस पर देवी-देवताओं के नाम लिखे हैं।

मंदिर के हर कोने में लिखा है राम-नाम
संचालक प्रकाशचंद बागरेचा बताते हैं कि हनुमान के इस निरालेधाम का हर काम हनुमानजी की कृपा से हो रहा है। मंदिर के हर कोने में राम-नाम लिखा है। चौबीस घंटे हनुमान चालीसा का पाठ चलता रहता है। यहां न कोई आयोजन होता है और न ही प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जाता है। रामायण का प्रत्येक पात्र यहां पूजनीय है। हनुमान जयंती पर आरती-पूजन और प्रसाद वितरण किया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments